कहानी बची है…

अभी बहुतों में देश के लिए दीवानगी बची है,
खून में बहुतों के आज भी रवानगी बची है।
क्यूँ वतन पर मर मिटने की बातें वो करते हैं,
हैरान हूँ क्या आज भी ऐसी जवानी बची है।

जज़्बा जूनून सरकारों से यूँ बेख़ौफ़ लड़ने का,
सीखा नहीं लगता इन्होंने फलसफा डरने का।
बिन हथियारों के कैसेे लोहा ये लिया करते हैं,
दीवानों की अनगिनत कतारों से हर राह सजी है।

कुछ खोने का डर फ़िक्र ना कुछ भी पाने की,
ठान बैठे हैं आज देश पर सब कुछ ये गवाने की।
कभी किताबों में जो सिर्फ हम पढ़ा करते थे,
कुछ सरफिरों ने वो क्रांति आज फिर से रची है।

सड़कों पर सुना वो आज भी निकल पड़ते हैं,
जुबाँ से उनके गीत सरफ़रोशी के उभरते हैं।
कुछ कर गुजरने की आग उनमे जलती है,
लिखने को अभी भी कहानी कोई बची है।

बारिशें

अँधभक्ति का देखो कैसा है आलम,
हर किसी को भाया बस एक ही बालम।
बांधे आँख पर पट्टी भेडों की कतारें,
एक ही नाम की चीख-पुकारें।
दरकिनार कर कितने ही धुरंधर,
एक ही है यहां चौडे सीने का सिकंदर।
आलापना सिर्फ मैं-मेरा का राग,
अपने सिवा सबके माथे पर है दाग।
खुद को बेचने में करोडों फूंक डाले,
कहते हैं देश पूरा कर दो इनके हवाले।
नई सोच को झुठलाने की पुरजोर कोशिशें,
पर बादल घिर आऐ हैं तो होकर रहेंगी बारिशें।

(Inspiration – Current political situation in the country, and a huge population blindly following one man)

आम आदमी

आवाज पे तेरी उठा,
ये आम आदमी।
आगाज पे तेरे जगा,
सो रहा था जो कहीं।
आज तक सहता रहा जो सब,
कुछ ठान बैठा वो आम आदमी।
हालातों से था परेशान जो,
अब लड़ रहा वो आदमी।
दिखता ना था कुछ रास्ता जिसे,
सही राह पकड़ चुका वो आदमी।
थक चुका था गुहार लगा-लगा जो,
फैसले अब करने लगा वो आम आदमी।
एक शुरूवात जो तूने की,
आगे उसे बड़ा रहा रहा हर आदमी।
बदलाव का जो रास्ता चुना तूने,
आगे उस पर बड़ रहा ये आदमी।
खींचने को नीचें बहुत है तैयार,
पर थामे तुझे खड़ा है आम आदमी।

(A movement which was started by Anna Hazare and taken forward by a lot of others like Arvind Kejriwal, Shashi Bhushan and more has inspired common people to believe that they can change the system themselves; which has led to discomfort in other political parties and they are playing all the dirty tricks to get back in the power. I am not a die hard fan of any particular party or leader, just hoping to see a clean and corruption free India.)

Options?

What happens when a political outfit in it’s first outing at assembly elections creates a sort of record by winning 40% of the seats? Other parties try to form an alliance with it, or may be trying to persuade some of their winning candidates to join them. But without any success and the state seems to be going towards a re-election.

Are there any other options? Yes, there is….at least one!!

Just like that

reach out and touch someone.....

Umesh Kaul

Traveler!!!! on the road

Yes I am Deepti

Exploring madness***

Aaj Sirhaane

aaiye, kuchh likhte hain..

abvishu

जो जीता हूँ उसे लिख देता हूँ

angelalimaq

food, travel and musings of a TV presenter.

Bhav-Abhivykti

This blog is nothing but my experiences of life and my thoughts towards the world.

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