आँसू…

एक दौर था जब आँसू भी मेरे ना वो देख पाते थे,
आलम ये है की ज़िगर का खून भी पानी नज़र आता है।

#दिलसे

नया लिबास…

तुम से मिला इन दिनों तो
तुम, तुम सी नहीं लगी
सामने बैठी थी मेरे लेकिन
कितनी गम-सुम सी ही रहीं

दूर बहुत थे दोनों हम फिर भी
बस ये चाहा की खुश तुम रहो
हालात कैसे भी हो जीवन में
मुझ से बस कभी झूठ ना कहो

दिल खोल कर अपना रख दिया
बिन कुछ सोचे सब तुम्हे कहना
पहले सा सब था नहीं और
पड़ रहा था रोष तुम्हारा सहना

वक़्त के थपेड़ों ने शायद
तुम्हे मुझसे दूर कर दिया
कुछ नए लिबासों से तुम ने
पुराने रिश्तों को बदल लिया

#दिलसे

आग़ोश…

रात भर याद तुझे करता रहा
आग़ोश को तेरे तड़पता रहा,
तड़प ये उम्र भर की हो शायद
दिल फिर भी तेरे लिए मचलता रहा।

#दिलसे

अधिकार नहीं….

हाँ मेरा तुम पर अधिकार नहीं
जीवन में अब वो रस-धार नहीं,
जिन आँखों ने स्वपन सजोये थे
उन नैनों में अब अश्रुधार सही।

इस हृदय ने चाहा था तुम्हे कभी
वो पल हर-पल जैसे हो यहाँ अभी,
मन ने कितने ही थे जो महल बनाये
पग-पग में सब बिखरे धूमिल यहीं।

इन हाथों में थामें हाथ तुम्हारा प्रिये
कितने ही मौसम दोनों हम संग जिए,
नक़्शे खींचे थे कुछ जीवन की राहों के
जुदा मंज़िलों पर हम फिर चल दिए।

तुम्हे समझा पाने के सब प्रयत्नों से
दूर निकल चली तुम मेरे जतनों से,
विजयी ध्वज कुछ फहराने थे पर
जीवन में अब हार मिली तो हार सही।

#दिलसे

शिकायतें…

मोहब्बत में इतनी शिकायतें अच्छी नहीं होती,
दिल दुखता है देख तेरी आँखों से गिरते मोती।

मेरे ख़त..

खबर है मुझे की पढ़ता मेरे ख़तों को वो,
बस जवाबों को लिफ़ाफ़े में छुपा रखा है।
एहसासों को खुलकर बयान करता नहीं,
दिल के जानेे किसी कोने में दबा रखा है।

कश…

कश्मकश
कश
तीरे तरकश।
सुलगती
सिग्रेट
लबों पर।
उबलती
चाय
हर कश पर।
सुलगता
दिल
किसको फ़िक्र।
कटता
यूँही
जिंदगी का सफ़र।

Just like that

reach out and touch someone.....

Umesh Kaul

Traveler!!!! on the road

Yes I am "Deepti"

I am proud to be **

Aaj Sirhaane

aaiye, kuchh likhte hain..

abvishu

जो जीता हूँ उसे लिख देता हूँ

angelalimaq

food, travel and musings of a TV presenter.

Bhav-Abhivykti

This blog is nothing but my experiences of life and my thoughts towards the world.

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