आग…

#दिलसे

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आग…

#दिलसे

बेचिए..

#दिलसे

हाँ मैं भी हिन्दू हूँ..

इंसान को इंसान समझता हूँ
धर्म के तराजू में तोलता नहीं,
तुम जैसी सोम्य और सभ्य
भाषा कभी बोलता नहीं।
बात-बात पर देना गाली
पर खुद को दिखाना महान,
धर्म के नाम पर बाँटना लोग
साधू-वेश में दे-दे व्याख्यान।
हाँ मैं भी हिन्दू हूँ
पर तुम्हारी परिभाषा से कोसों दूर,
मेरे दिल में भी देश बसता है
बस हूँ नहीं नशे में चूर।

भेड़िये..

मेरे दामन में दाग,
तो तेरा भी सफ़ेद कहाँ।
हंसों की खाल में घूम रहे,
कई भेड़िये यहाँ।

सवाल..

उंगलिया तो उठेंगी ही,
सवाल पूछे जायेंगे।
दूसरों के दामन से खेलने वाले,
खुद भी कहाँ बच पायेंगे।

मौसमे बहार..

दिल बेकरार है,
मौसमे बहार में।
हर भँवरा पङा,
कली के प्यार में।

(Inspiration – All party swapping politicians in India these days)

Just like that

reach out and touch someone.....

Umesh Kaul

Traveler!!!! on the road

What do you do Deepti

Exploring madness***

Aaj Sirhaane

aaiye, kuchh likhte hain..

abvishu

जो जीता हूँ उसे लिख देता हूँ

angelalimaq

food, travel and musings of a TV presenter

Bhav-Abhivykti

This blog is nothing but my experiences of life and my thoughts towards the world.

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