फ़ोन..

#दिलसे #DilSe

कौन?

#दिलसे #DilSe

रात…

#दिलसे #DilSe

शब्द…

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#दिलसे #DilSe

ख़्वाब…

#दिलसे

नींद..

आँखों से आज फिर गुज़र रही है…
ये नींद भी कमबख्त रोज़ ही मर रही है।

#दिलसे

शराब..

शराब पिला की आज नींद आए,
इसी बहाने शायद वो ना याद आए।

नया गीत…

आज की रात फिर से कहीं,
नींद चहलकदमी पर है।
कहो तो एक नया गीत,
तुम्हारे नाम लिख दूं।
शब्दों में ढ़ाल कर तुम्हे,
एक और नए रुप में देखूं।
मुस्कुराना तुम खुद को,
नया सा फिर से पा कर।
और मैं रात ख़्वाबों में,
एक बार फिर से तुम्हे देखूं।

करवटें..

रात भर बिस्तर इंतज़ार में तेरे,
साथ मिरे करवटे बदलता रहा।

Blaze..

I forget what I like to remember,
but remember what I want to forget.
I sleep to dream but,
what wakes me up is a scream.
And what I try to find outside,
is blazing within!

(wrote this about 8 months back in collaboration with Ashish Garg)

तलाश

खुद से भागता रहा, नींद में भी जागता रहा।
रूह में जो बसता है, बाहर में उसे तलाशता रहा।

Kids and the sleep !

When you have two kids sleeping with you. One on the right side and other on left – expect to get kicked, pushed and squeezed throughout the night !

Flame

aaj ki shairi

Just like that

reach out and touch someone.....

Umesh Kaul

Traveler!!!! on the road

What do you do Deepti

Exploring madness***

आज सिरहाने

लिखो, शान से!

abvishu

जो जीता हूँ उसे लिख देता हूँ

Bhav-Abhivykti

This blog is nothing but my experiences of life and my thoughts towards the world.

Ruchi Kokcha Writes...

The Shards of my Self

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