तेरी नज़र…

मेरी कलम से निकला हर शब्द पहले तेरी नज़र होगा,
नज़्मों की दुनिया होगी कायल कुछ ऐसा असर होगा।

#दिलसे

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मेरी कलम…

मेरी कलम से..
जिसे तुमने धार दी..
जो सिर्फ तुम्हे लिखती रही..
शब्दों में ही सही तुम मुझे दिखती रही..

नम आँखों से..
तुम्हे रोज याद किया..
नींदें मेरी पलकों तक रही…
हर रात ने मुझे और बर्बाद किया..

#दिलसे

नया गीत…

आज की रात फिर से कहीं,
नींद चहलकदमी पर है।
कहो तो एक नया गीत,
तुम्हारे नाम लिख दूं।
शब्दों में ढ़ाल कर तुम्हे,
एक और नए रुप में देखूं।
मुस्कुराना तुम खुद को,
नया सा फिर से पा कर।
और मैं रात ख़्वाबों में,
एक बार फिर से तुम्हे देखूं।

शब्द..

कुछ शब्द ढूंढ रहा हूँ रात के सन्नाटे में,
कमबख्त जो कलम से उभरते ही नहीं।

लफ़्ज़…

मैं कोई गुलज़ार नहीं की हर बार एक नया नायाब हीरा तराश दूं,
बस कोशिश भर है दिल में उठे हर तूफ़ान को लफ्ज़ों में उतार दूं।

साथ मेरे….

बिन कुछ कहे
बिन कुछ सुने
बस चार कदम
चल दो साथ मेरे।

ना तुम मुझे देखो
ना देखूँ मैं तुम्हे
बस थाम लेना
तुम हाथ मेरे।

अनकहे शब्दों से
रास्तों की
ख़ामोशी से
समझो जज़्बात मेरे।

चार कदम ही बस
चल पाये साथ तेरे
कुछ ऐसे थे
हालात मेरे।

What’s happening???

Words are eluding me,
prose have died.
Rhyme I can not any more,
and stories unable to write!

Just like that

reach out and touch someone.....

Umesh Kaul

Traveler!!!! on the road

Yes I am Deepti

Exploring madness***

Aaj Sirhaane

aaiye, kuchh likhte hain..

abvishu

जो जीता हूँ उसे लिख देता हूँ

angelalimaq

food, travel and musings of a TV presenter.

Bhav-Abhivykti

This blog is nothing but my experiences of life and my thoughts towards the world.

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