ख़ुमार…

#दिलसे

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क़दम…

#दिलसे

यादें..

#दिलसे

नए गीत…

तुमने देखा है कभी
मेरे ख़्वाबों में उतर के
कभी रातों को मेरी
तुमने भी महसूस किया है
जब मैं अक्सर तुम्हारे
ख़्यालों में ख़ोया होता हूँ
और लोग ये मान लेते हैं
की मैं सोया हुआ होता हूँ
उठता हूँ तुम्हे चूमता हूँ
हथेलियों को तुम्हारी
अपनी हथेलियों में लेकर
अक़्सर नए गीतों में
तुम्हे खोजता हूँ।

#दिलसे

तुम चुप थी – 2

मेरी मोहब्बत को कर रुस्वा,
तुमने अलविदा जब कहा था।

एक अनजान सा भँवर था,
जिसे तुमने ख़ुदा कहा था।

वक़्त की आँधियों के बाद,
तुमसे क्यों वो भी जुदा था।

फ़िर मुझसे मिलने आईं तुम,
और मेरा इश्क़ मर चुका था।

तुम चुप थी उस दिन,
पर वो आँखों में क्या था?

#दिलसे

लम्हे…

#दिलसे

ज़र्द ख़्वाब…

कुछ नए ज़र्द से ख़्वाब लिखे हैं इन दिनों
और तुम्हारे सिरहाने तले सब रख छोड़े हैं
पुरानी यादों की बारिश से भीगी हुई वो रातें
और आँखों से किये वादे जो तुमने तोड़े हैं।

​मुड़कर उन दिनों को जीने की मेरी कोशिश
और तुमने मेरे लिखे खत भी तो अब मोड़े हैं
मुझे उन अनकहे वादों को निभाने की जिद्द
और तुमने कुछ नए चमकते सितारे बटोरे हैं।

#दिलसे

Just like that

reach out and touch someone.....

Umesh Kaul

Traveler!!!! on the road

What do you do Deepti

Exploring madness***

Aaj Sirhaane

aaiye, kuchh likhte hain..

abvishu

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Bhav-Abhivykti

This blog is nothing but my experiences of life and my thoughts towards the world.

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