बुज़ुर्ग

​एक बुज़ुर्ग का भारी थैला उठाकर आज,
खुद को बहुत हल्का महसूस किया।

#दिलसे #मैट्रो

तुम्हारा फ़ोन नहीं आया…

​बहुत बेचैनियां सी हैं अजब उदासी घेरे है
तुम्हारी यादों के पल ही बस कहने को मेरे हैं
ढूंढना दिल के कोनों में हर रोज ही तुम को
सोचना याद करते हो क्या तुम भी अब मुझको
पूछते हो मेरे बारे में कई लोगों ने है ये बतलाया
मिलना चाहते हो तुम भी ऐसा एक ख़्याल है आया
ऐसे कई नामुमकिन ख़्वाबों से दिल को है झुठलाया
फिर बहुत मुश्किल से आज ख़ुद को है समझाया
तुम्हारा फ़ोन नहीं आया, तुम्हारा फ़ोन नहीं आया।

#दिलसे

सरहद…

​कल सरहद पार काफी आतंकवादी मर गए सुना है,
साहब शब्दों में ही सही हद्द से गुज़र गए सुना है। #दिलसे

यादें..

तन्हाई है ख़ामोशी है तेरी यादें हैं,
लब मुस्कुरा देते हैं कुछ ऐसी भी बातें हैं।

#दिलसे

लम्हे…

​खूबसूरत से कुछ पल ख़्वाबों में टंगे हैं,
वो लम्हे जो आज भी किताबों में रखे हैं।

#दिलसे

इतवार..

ये इतवार भी फिर आने को है,
तुझपर लिखूँगा खबर ज़माने को है।

#दिलसे

तज़ुर्बा..

​तुम्हे खो कर भी पा लेना,
ये भी क्या खूब तज़ुर्बा है।

#दिलसे

.. stories, letter, thoughts ..

Just like that

reach out and touch someone.....

Umesh Kaul

Traveler!!!! on the road

Yes I am "Deepti"

I am proud to be **

Aaj Sirhaane

Ek Mandali Ek Manch

abvishu

जो जीता हूँ उसे लिख देता हूँ

angelalimaq

food, travel and musings of a TV presenter.

Bhav-Abhivykti

This blog is nothing but my experiences of life and my thoughts towards the world.

%d bloggers like this: